दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर कश्मीरी पंडितों के पलायन पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को सवाल किया कि पार्टी ने सत्ता में आने के बाद से उनमें से कितने लोगों को घाटी में फिर से बसाया है। द कश्मीर फाइल्स को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच जुबानी जंग शुरू होने के बीच केजरीवाल ने एक बार फिर सुझाव दिया कि इस फिल्म को यूट्यूब पर अपलोड किया जाना चाहिए और इससे अब तक हुई कमाई को कश्मीरी पंडितों के कल्याण पर खर्च किया जाना चाहिए। फिल्म पर अपनी टिप्पणी और भाजपा की आलोचना पर एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद से 13 वर्ष तक केंद्र में भाजपा की सरकारें रही हैं। क्या इस अवधि में किसी कश्मीरी पंडित परिवार का पुनर्वास हुआ है? उनका कहना था कि एक भी परिवार कश्मीर नहीं लौटा है। केजरीवाल ने कहा कि कश्मीर पंडित अपने घरों को लौट सकें, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्म ने लगभग 200 करोड़ रुपये कमाए हैं। उनका कहना था कि किसी की त्रासदी से पैसा कमा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, यह एक अपराध है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करे...
कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और विस्थापन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ इन दिनों बहुत ज्यादा चर्चा में है। न केवल आम जनता के बीच बल्कि सदन तक में इस फिर्म को लेकर बहस जारी है। अब तक देश के 8 राज्यों में ये फिल्म टैक्स फ्री हो चुकी है। वहीं दिल्ली में भी इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग हो रही है। इस मांग को केजरीवाल सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। अभिनेता गजेंद्र चौहान ने फिल्म को टैक्स फ्री ना करने को लेकर दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को घेरा है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ”फ्री फ्री फ्री करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जी दिल्ली में सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म #kashmirfiles को टैक्स फ्री क्यों नही कर रहे।” एक्टर के इस ट्वीट के बाद कमेंट्स की लाइन लग गई है। देशप्रेमी जनसेवक ने गजेंद्र चौहान के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, ”फ्री फ्री फ्री गोधरा कांड पर मूवी बन जाये तो गुजरात में फ्री होगी। लखीमपुर खीरी फाइल्स फ्री होगी और कश्मीरी फाइल्स तो अटल जी शासनकाल में हुआ था, क्यों मरने के बाद भी अटल जी पर पत्थर फेंक रहे हैं मोदी जी।” दुर्वशा ने लिखा, ”गज्जू भाई, केंद...
गुजरात में स्कूलों के सिलेबस में भगवद गीता को जोड़ दिया गया है। इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिल रहे हैं। लोगों ने स्कूल में भगवद गीता पढ़ाए जाने को हिजाब मुद्दे से जोड़ दिया है। लोगों का कहना है कि जब स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, तो गीता क्यों पढ़ाई जा रही है। रामायण में राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने भी इस मु्द्दे को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने ट्विटर का सहारा लेते हुए इस निर्णय का विरोध करने वालों से सवाल किया है। उन्होंने लिखा,” सत्य बोलने के लिए गीता पर हाथ रखकर कसम खाई जाती है, तो सत्य जानने के लिए गीता पढ़ाई क्यों नहीं जाती? जय श्री राम।” उनके ट्वीट पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी हैं। गोस्वामी सुप्रिया गिरी ने इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, ”तो क्या गीता पर हाथ रखकर बोलने वाले सच बोलते हैं? इस देश के बच्चे को किसी भी सब्जेक्ट से मतलब नही क्यूंकि बच्चे संस्कारहीन हो रहे हैं। तो ऐसे में गीता की पढ़ाए ठीक है, पर क्या ऐसे बच्चे गीता को सम्मान दे पाएंगे? भड़काना आसान है पर फ्यूचर बच्चे की सम्मान नीति को ...
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